एक और संदिग्ध कोरोना पीडित अस्पताल में भर्ती

बांदा। कोरोना वायरस के लक्षणों से पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार इजाफ हो रहा है। बुधवार को मुंबई से लौटे एक युवक जब अपने गांव पहुंचा तो उसे जुकाम और बुखार से पीड़ित पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने एंबुलेंस के जरिए उसे तत्काल ट्रामा सेंटर भिजवाया। रात भर युवक ट्रामा सेंटर में भर्ती रहा। इसके बाद गुरुवार की सुबह एंबुलेंस के जरिए युवक को मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। वहां उसको आईसुलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। हालांकि दिया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग कोरोना पीड़ित होने से एक बार फिर इनकार कर रहा है। कालिंजर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी 36 वर्षीय युवक मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। वह बुधवार को मुंबई से अपने घर पीडित बांदा। कोरोना वायरस के लक्षणों से पीड़ित लोगों की संख्या में लगातार इजाफ हो रहा है। बुधवार को मुंबई से लौटे एक युवक जब अपने गांव पहुंचा तो उसे जुकाम और बुखार से पीड़ित पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने एंबुलेंस के जरिए उसे तत्काल ट्रामा सेंटर भिजवाया। रात भर युवक ट्रामा सेंटर में भर्ती रहा। इसके बाद गुरुवार की सुबह एंबुलेंस के जरिए युवक को मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। वहां उसको आईसुलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। हालांकि दिया गया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग कोरोना पीड़ित होने से एक बार फिर इनकार कर रहा है। कालिंजर थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी 36 वर्षीय युवक मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता था। वह बुधवार को मुंबई से अपने घर पीडित लौटा। गांव आने पर जब लोगों को जानकारी हुई तो तमाम ग्रामीण उसके घर पहुंचे। उसे सर्दी, जुकाम, बुखार खांसी से पीड़ित देखकर ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से पीड़ित होने की आशंका जाहिर की। बुधवार की रात बलेंस केलि की रात एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया। रात भर रतीभान को ट्रामा सेंटर के आईसुलेशन वार्ड में रखा गया। सुबह होने पर डाक्टरों ने रतीभान को मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर युवक को आईसुलेशन वार्ड में भर्ती कर लौटा। गांव आने पर जब लोगों को जानकारी हुई तो तमाम ग्रामीण उसके घर पहुंचे। उसे सर्दी, जुकाम, बुखार खांसी से पीड़ित देखकर ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से पीड़ित होने की आशंका जाहिर की। बुधवार की रात बलेंस केलि की रात एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया। रात भर रतीभान को ट्रामा सेंटर के आईसुलेशन वार्ड में रखा गया। सुबह होने पर डाक्टरों ने रतीभान को मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर युवक को आईसुलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। पीडित ने बताया कि उसके साथ मुंबई में एक रूम पार्टनर रहता था। उसे कोरोना हो गया था। साथ में रहने के कारण उसे भी सर्दी, जुकाम, खांसी हो गई न किट मिली न मास्कः आखिर डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी भी इंसान हैं। उनके भी बाल-बच्चे हैं, भरा पूरा परिवार है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बदौलत डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सहमे हुए हैं। कोरोना के लक्षणों से पीड़ित मरीज को अगर ट्रामा सेंटर लाया जाता है तो हालात बहुत लाया जाता तो हालात बन खराब हो जाते हैं। न डाक्टर मरीज के पास जाने को तैयार होता है और न ही कर्मचारी। इसकी वजह सिर्फ यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक न तो किट उपलब्ध कराई है और न ही मास्क ही उपलब्ध कराया है। लिया गया है। पीडित ने बताया कि उसके साथ मुंबई में एक रूम पार्टनर रहता था। उसे कोरोना हो गया था। साथ में रहने के कारण उसे भी सर्दी, जुकाम, खांसी हो गई न किट मिली न मास्कः आखिर डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी भी इंसान हैं। उनके भी बाल-बच्चे हैं, भरा पूरा परिवार है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की बदौलत डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी सहमे हुए हैं। कोरोना के लक्षणों से पीड़ित मरीज को अगर ट्रामा सेंटर लाया जाता है तो हालात बहुत लाया जाता तो हालात बन खराब हो जाते हैं। न डाक्टर मरीज के पास जाने को तैयार होता है और न ही कर्मचारी। इसकी वजह सिर्फ यह है कि स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक न तो किट उपलब्ध कराई है और न ही मास्क ही उपलब्ध कराया है। बांदा। कोरोना वायरस को लेकर गुरूवार को मंडल जेल के महिला व पुरूष कारागार में वाटर एड संस्था और जेल अधिकारियों की संयुक्त टास्क टीम ने बंदियों को जागरूक किया। बंदियों को मास्क बांटे और वायरस से बचाव के लिये साबुन से हाथ धोने के तरीके आदि बताए। देशभर में फैले कोरोना के खौफसे बांदा जेल भी अछूती नहीं रही। यहां भी अधिकारी और बंदियों में कोरोना का खौफ नजर आ रहा है। इसी के मद्देनजर गुरूवार को जेल अधीक्षक आरके सिंह, चिकित्सक धीरेन्द्र आदि अधिकारियों की टास्क टीम ने सामाजिक संस्था वाटर एड के संयुक्त तत्वावधान में जेल में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत जेल के सभी बंदियों, अधिकारियों और कर्मचारियों बांदा। कोरोना वायरस को लेकर गुरूवार को मंडल जेल के महिला व पुरूष कारागार में वाटर एड संस्था और जेल अधिकारियों की संयुक्त टास्क टीम ने बंदियों को जागरूक किया। बंदियों को मास्क बांटे और वायरस से बचाव के लिये साबुन से हाथ धोने के तरीके आदि बताए। देशभर में फैले कोरोना के खौफसे बांदा जेल भी अछूती नहीं रही। यहां भी अधिकारी और बंदियों में कोरोना का खौफ नजर आ रहा है। इसी के मद्देनजर गुरूवार को जेल अधीक्षक आरके सिंह, चिकित्सक धीरेन्द्र आदि अधिकारियों की टास्क टीम ने सामाजिक संस्था वाटर एड के संयुक्त तत्वावधान में जेल में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत जेल के सभी बंदियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को न केवल मास्क बांटे गये बल्कि सामाजिक संस्था की ओर से बंदियों को चार्ट के माध्यम से कोरोना से बचाव के लिये साफ सफाई रखने और साबुन से हाथो को धोने के तरीके बताए गए। जेल अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि पुरूष व महिला बंदियों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए गए हैं। सभी बैरिकों के बाहर गौशाला की गायों के गोबर से लिपाई कराई जा रही है। सभी बंदियों के बिस्तर पूरे दिन धूप में सुखाए जा रहे है ताकि किसी तरह का इंफेक्शन न फैलने पाए। इसके अलावा महिला और पुरूष बैरिकों की रोजाना डेटॉल और फिनायल से धुलाई कराई जा रही है। बताया कि फिलहाल मंडल कारागार में किसी भी महिला और पुरूष बंदियों को कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। को न केवल मास्क बांटे गये बल्कि सामाजिक संस्था की ओर से बंदियों को चार्ट के माध्यम से कोरोना से बचाव के लिये साफ सफाई रखने और साबुन से हाथो को धोने के तरीके बताए गए। जेल अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि पुरूष व महिला बंदियों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए गए हैं। सभी बैरिकों के बाहर गौशाला की गायों के गोबर से लिपाई कराई जा रही है। सभी बंदियों के बिस्तर पूरे दिन धूप में सुखाए जा रहे है ताकि किसी तरह का इंफेक्शन न फैलने पाए। इसके अलावा महिला और पुरूष बैरिकों की रोजाना डेटॉल और फिनायल से धुलाई कराई जा रही है। बताया कि फिलहाल मंडल कारागार में किसी भी महिला और पुरूष बंदियों को कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया।